8 अक्टूबर 2026, गुरु

सहानुभूति नहीं, समानुभूति और कौशल विकास बने दिव्यांगजन सशक्तिकरण का आधार

खैरथल-तिजारा, 8अक्टूबर। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा समाज कल्याण सप्ताह के अंतर्गत दिव्यांगजन कल्याण दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में डॉ. प्रभाकर शर्मा ने दिव्यांगजन सशक्तिकरण में समानुभूति, कौशल विकास एवं आत्मनिर्भरता के महत्व पर प्रकाश डाला।डॉ. शर्मा ने कहा कि दिव्यांगजन के प्रति सहानुभूति और अनावश्यक सहयोग कई बार उनके सशक्तिकरण की राह में बाधा बन सकता है। किसी व्यक्ति को उसकी क्षमता के बजाय दिव्यांगता के आधार पर कमजोर समझकर हर कार्य में सहायता देने से उसमें निर्भरता की भावना विकसित हो सकती है और आत्मविश्वास प्रभावित हो सकता है।उन्होंने कहा कि दिव्यांगजन की वास्तविक आवश्यकताओं एवं परिस्थितियों को समझते हुए उसी के अनुरूप सहयोग किया जाना चाहिए। उन्हें कमजोर समझने के बजाय उनकी क्षमताओं को पहचानकर शिक्षा, कौशल विकास, प्रशिक्षण, रोजगार एवं आत्मनिर्भरता के अवसर उपलब्ध कराना अधिक महत्वपूर्ण है। समानुभूति के साथ उन्हें निर्णय लेने और अपनी क्षमता के अनुरूप आगे बढ़ने के अवसर दिए जाने चाहिए।कार्यक्रम में कौशल्याम इंस्टीट्यूट फॉर ट्रेनिंग एंड रिसर्च के प्रशिक्षणार्थी, शिव ज्योति मनोविकास विद्यालय के लाभार्थी तथा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के कार्मिक उपस्थित रहे।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *