कोटपूतली-बहरोड़, 9 अक्टूबर। जिला निर्वाचन अधिकारी के निर्देशन में जिले में स्वीप (व्यवस्थित मतदाता शिक्षा एवं निर्वाचक सहभागिता) कार्यक्रम के तहत मतदाता जागरूकता गतिविधियों का निरंतर आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में जिले के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत वीबी-जी रामजी कामगारों को मतदान के प्रति जागरूक करते हुए मतदान की शपथ दिलाई गई। इस दौरान कामगारों को लोकतंत्र में मतदान के महत्व की जानकारी देते हुए निष्पक्ष,निर्भीक एवं जागरूक होकर अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए प्रेरित किया गया।
जिला स्वीप नोडल अधिकारी डॉ. गोपाल लाल मीणा ने बताया कि लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाने में प्रत्येक मतदाता की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इसी उद्देश्य से स्वीप के तहत जिले के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में विभिन्न जागरूकता गतिविधियों का आयोजन कर आमजन को मतदान के प्रति जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मतदान केवल अधिकार ही नहीं,बल्कि लोकतंत्र के प्रति प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी भी है। प्रत्येक मतदाता को अपने मताधिकार के महत्व को समझते हुए मतदान प्रक्रिया में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करनी चाहिए।
डॉ. मीणा ने कहा कि लोकतंत्र की वास्तविक ताकत मतदाताओं की जागरूकता और उनकी सक्रिय भागीदारी में निहित है। एक जागरूक मतदाता अपने मत का महत्व समझता है और बिना किसी प्रलोभन, दबाव अथवा भेदभाव के स्वतंत्र रूप से अपने मताधिकार का प्रयोग करता है। उन्होंने कामगारों से आह्वान किया कि वे स्वयं मतदान के प्रति जागरूक रहें तथा अपने परिवारजनों,मित्रों और आसपास के लोगों को भी मतदान के लिए प्रेरित करें, ताकि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में अधिकाधिक नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित हो सके।
कार्यक्रम के दौरान वीबी-जी रामजी कामगारों को मतदान के महत्व, मताधिकार के उपयोग तथा लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति जागरूक किया गया। उपस्थित कामगारों ने लोकतंत्र में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने और मतदान के प्रति अन्य लोगों को भी जागरूक करने का संकल्प लिया।
जिला स्वीप नोडल अधिकारी ने बताया कि जिले में मतदाता जागरूकता अभियान के माध्यम से विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों,श्रमिक वर्ग, युवाओं एवं अन्य मतदाता समूहों तक पहुंच बनाकर उन्हें मतदान के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इन गतिविधियों का उद्देश्य मतदाताओं में जागरूकता बढ़ाने के साथ लोकतांत्रिक प्रक्रिया के प्रति विश्वास और जिम्मेदारी की भावना विकसित करना है।

